प्रेगनेंसी में अगर आपने इस बात का विशेष ध्यान नहीं रखा??? तो आपका बच्चा स्वस्थ पैदा नहीं होगा ! ( Pregnancy tips )
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यह बात आपको सुनने में बहुत ही कड़वी और चौंकाने वाली लग रही होगी। लेकिन इसमें 100% सच्चाई है। पूरे विश्व भर में ऐसे केस cases सामने आए हैं जिसमें 100 में से सिर्फ 40% बच्चे ही पूर्ण रूप से स्वस्थ पैदा हुए हैं। और बाकी 60% बच्चे किसी न किसी बीमारियों के चपेट में है। और कुछ बीमारियां इतनी खतरनाक है। कि जिनका इलाज तक होना संभव नहीं है। और इसका कारण क्या है। आइए जानते हैं।


 स्वस्थ बच्चे पैदा ना होने का कारण ???


  • जैसा कि आप सभी जानते हैं, आजकल का वातावरण खानपान, फल सब्जियां सब में मिलावट आ रही है। या फिर फल और सब्जियां जल्दी पैदावार करने के चक्कर में बहुत सारे केमिकल इसमें इस्तेमाल होते हैं। जिससे बच्चे और मां को जो पोषण उस समय चाहिए होता है। वह पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता। जिससे बच्चे का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता। 

  • दूसरा कारण आजकल की गर्भवती  (pregnant ) महिलाएं पौष्टिक खाना खाने की बजाय जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक मसालेदार खाना, जैसी चीजों का सेवन करती हैं। और यहां तक शराब सिगरेट जैसी वस्तुओं का भी सेवन करती हैं।

  • तीसरा और अहम कारण अधिकतर गर्भवती  (pregnant ) महिलाओं को इस बात का पूर्ण रूप से ज्ञान नहीं होता है। कि शुरुआती दिनों से लेकर प्रेग्नेंसी के नौवें महीने तक कौन सी चीजें खाने चाहिए। और कौन सी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। और अगर डॉक्टर दवाई खाने को बताता भी है। तो उसका सेवन कब और क्यों करना चाहिए। इस बात की जानकारी नहीं होती है। 


क्या आप गर्भवती  (pregnant ) है या नहीं ,कैसे पता करें?




 इस बात का पूर्ण रूप से पता करना मुश्किल होगा। कि आप प्रेग्नेंट है। कि नहीं लेकिन शुरुआती दिनों में गर्भवती प्रेग्नेंट (pregnant )  महिलाओं में कुछ ऐसे लक्षण देखे जाते हैं। जिससे अंदाजा लगाना आसान हो जाता है। कि आप गर्भवती (pregnant )  हो!



  1.  स्तन में दर्द रहना 
  2. सुबह के वक्त कमजोरी महसूस होना 
  3. जी मतलाना, उल्टी जैसा मन होना 
  4. खाने से नफरत होना
  5.  चिड़चिड़ापन
  6.  पीरियड्स,मासिक धर्म  का ना आना
  7.  शरीर में भारीपन होना 
  8. कपड़े बदलने में परेशानी आना 


प्रेगनेंसी में शुरुआती 3 महीने तक क्या खाना चाहिए???



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(pregnant ) महिलाओं को 3 महीने तक उल्टी मन खराब होना, सुबह के वक्त कमजोरी होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऎसे मे प्रेग्नेंट (pregnant )  महिलाओं को हल्का खाना ही खाना चाहिए। जैसे कि फल, सलाद, पत्तेदार सब्जियां ,दूध, जूस इत्यादि, चीजों का सेवन करना चाहिए। हां इसमें थोड़ी मुश्किल होती है। कि खाना आसानी से पचाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन खाना-पीना छोड़े मत, हल्का फुल्का और पौष्टिक खाना खाते रहे।




 प्रेगनेंसी के 3 महीने तक किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए??



  • शुरुआती दिनों से लेकर 3 महीने तक प्रेग्नेंट (pregnant )  महिलाओं अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इस समय बच्चे का विकास होना शुरू होता है। तो आपको आयरन कैल्शियम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। अगर आपके शरीर में आयरन और कैल्शियम में की कमी हुई तुझे बच्चे के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होगा। 

  •  3 महीने तक बच्चे की रीढ़ की हड्डी का विकास होना शुरू होता है। अगर आपको आयरन और कैल्शियम दवाई पचाने में मुश्किल हो रही है। तो आप हरी पत्तेदार सब्जियां, फल ,अंकुरित दाले, दूध दही जैसी वस्तुओं का सेवन करें। और जहां तक हो सके, आयरन की गोली खाना ना छोड़ें।

  • फलों में पपीता और आम शुरुआती 3 महीनों तक बिल्कुल ही ना खाएं। इससे गर्भपात का खतरा बना रहता है। 

  • प्रेग्नेंट महिलाएं कुछ भी खाने से पहले फल सब्जियां अच्छे से धो ले। जिससे उसके ऊपर छिड़का हुआ कैमिकल निकल जाए। 

  • गर्भवती  pregnant महिलाओं को शुरुआती महीने से ही फोलिक एसिड युक्त आहार, या गोलियां लेना बहुत ही जरूरी है। वैसे तो डॉक्टर गर्भवती pregnant महिलाओं को फोलिक एसिड ( Folic Acid )युक्त भोजन लेने की सलाह देते हैं। लेकिन आजकल के खानपान और मिलावटी चीजों के कारण फॉर्मेट की जितनी जरूरत बच्चे और मां को चाहिए होती है। वह कमी पूरी नहीं हो पाती !फोलिक एसिड की कमी से बच्चा अस्वस्थ पैदा हो सकता है। और वह बहुत बड़ी बीमारी का शिकार हो सकता है। इसके बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें विस्तार में पूरी जानकारी दी हुई है। 




  • तीसरे महीने से नौवें महीने तक डॉक्टर से पूरी जांच करवाएं। गर्भवती महिला और बच्चे की दोनों की सातवें से आठवें महीने में सोनोग्राफी के द्वारा गर्भनाल पूर्ण रूप की स्थिति बच्चे का वजन बच्चेदानी के अंदर का पानी और अन्य प्रकार के जांच होते हैं। जिससे बच्चे के बारे में पूर्णरुप से जानकारी मिल जाती है। इसलिए सातवें महीने के बाद एक बार सोनोग्राफी जरूर करवाएं।   



4 महीने से डिलीवरी तक गर्भवती  pregnant महिला को क्या खाना चाहिए? ??




चौथे से 6 महीने तक गर्भवती pregnant महिला को उल्टी जी मत लाना खाने का मन ना करना, जैसे समस्या से कुछ हद तक छुटकारा मिल जाता है। उसके बाद 4 से 6 महीने तक गर्भवती pregnant महिलाओं को कैलरी विटामिन प्रोटीन युक्त आहार खाना चाहिए। 6 महीने के बाद प्रेग्नेंट महिला को देसी घी बादाम मूंगफली दूध पंजीरी जैसी ज्यादा कैलरी वाली चीजें खानी चाहिए। जिससे बच्चे का वजन और विकास पूर्ण रूप से हो जाए। मैं महिलाएं जितना ज्यादा हो सके। इतना सारा खाना खाए। और हर महीने एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं। 





अगर आप ऊपर दिए हुए विधि के अनुसार खानपान दवाइयां समय पर जरूर ले अगर आप जरा भी लापरवाही करते हैं। तो बच्चे के विकास में मुश्किलें पैदा होगी। जिससे बच्चे के शरीर के अंग पूर्ण रूप से विकसित नहीं होंगे। जिससे वह कोई ऐसी बीमारी का शिकार हो जाएगा। जो बाद में आपके लिए हॉस्पिटल के चक्कर काटने वाला काम होगा। क्योंकि हमारे इंडिया में बहुत सारे ऐसे केस पाए गए हैं। जिसमें बच्चे को किडनी इन्फेक्शन, दिल में छेद, पॉटी वाली जगह पाइप ब्लॉक, बच्चे की रीढ़ की हड्डी में छेद, बच्चे के दिमाग में इफेक्शन , जैसे खतरनाक बीमारियां हो सकते हैं। आप से बेहतर आपके बच्चे को नई जिंदगी स्वस्थ जीवन कोई नहीं दे सकता। तो आप अपना और बच्चे का अच्छे से ध्यान रखें और कोई लापरवाही ना बरतें। और शराब सिगरेट जैसी चीजों का सेवन बिल्कुल भी ना करें। 











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